एनीमिया किसकी कमी से होता है और घरेलु उपाय ! Anemia in Hindi

  • हमारे जीवनशैली में आये बदलाव एवं मसालेदार खान-पान की वजह से भारत में प्रतिवर्ष एक करोड़ मामले एनीमिया बीमारी के बढ़ते है। एनीमिया एक तरह की बीमारी है। एनीमिया से ग्रस्त होने पर घरेलू उपचार से हम इस बीमारी से स्वंय को स्वस्थ बना सकते हैं। आइए जानते हैं कि एनीमिया क्या होता है?(Anemia In Hindi) एनीमिया हो तो उसका घरेलू इलाज (anemia ka gharelu ilaj) एनीमिया के लक्षण एवं एनीमिया के कारण।

एनीमिया क्या होता है? – What Is Anemia In Hindi

एनीमिया की बीमारी में हेमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है और लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में भी कमी होती है। सामान्यत: यह बीमारी रिफाइन्ड खाद्यपदार्थों के उपयोग अधिक उपयोग करने से होती है। यह मानव जाति को प्रभावित करने वाली सामान्य बीमारियों में से एक है। हमारी शिराओं और धमनियों में बहने वाले रक्त में से लगभग आधा रक्त लाल रक्त कणों से बना है, जो ऊतकों तक प्राणवायु पहुँचाते हैं। अनुमानत: 100 मिलियन नये रक्तकण प्रतिदिन अस्थि मञ्ञा में बनते हैं। लाल रक्त कण लगभग 120 दिनों तक जीवित रहते हैं और प्रतिदिन नष्ट होने और नये बनने की प्रक्रिया ज़ारी रहती है। प्रत्येक व्यक्ति में 100 प्रतिशत अथवा लगभग 15 ग्राम हेमोग्लोबिन 100 घन से.मी. रक्त में होना चाहिए और रक्त के प्रत्येक मिलिमीटर में पाँच मिलियन लाल रक्तकण होने चाहिए। हेमोग्लोबिन की मात्रा में कमी के कारण अल्परक्तता की बीमारी होती है।

एनीमिया के लक्षण – symptoms of anemia in hindi

Anemia ke lakshan में मरीज़ को आम तौर पर कमज़ोरी, थकान, ऊर्ज़ा की कमी और चक्कर आने की शिकायत होती है। अन्य लक्षणों में प्रमुख हैं – मरियल सा दिखना, अकाल झुर्रियाँ, आँखें फ़ीकी एवं थकी हुई लगना, कमज़ोर याददाश्त, थोड़े परिश्रम के बाद ही साँसों का फूलना, सिरदर्द, घावों का जल्दी ठीक न होना, हृदय की धड़कनें तेज़ होना और मानसिक रूप से हताशा अनुभव करना। इस बीमारी में त्वचा और म्युक्स झिल्लियाँ पीली दिखाई देती हैं, नाख़ून ओज़हीन होकर टूटने लगते हैं।

एनीमिया के कारण – Causes of Anemia In Hindi

एनीमिया प्रमुख कारण अस्थि मञ्ञा में लाल रक्तकणों के निर्माण में कमी होना। यह कमी या तो अस्थि मञ्ञा की अपनी क्षति के कारण हो सकती है या फिर शरीर में आयरन, विटामिन और प्रोटीन की अपर्याप्त मात्रा के कारण हो सकती है। अन्य प्रमुख कारणों में, चोट या घाव के कारण अत्याधिक रक्त का बह जाना। इनके अलावा पाचन के लिये उपयोगी एसिड या हाइड्रोक्लोरिक एसिड जो आयरन और प्रोटीन्स को पचाने के लिये ज़रूरी होते हैं उनकी कमी या भावात्मक तनाव, चिंता, व्यग्रता जो हाइड्रोक्लोरिक एसिड के निर्माण में बाधा डालते हैं यह सभी एनीमिया होने का कारण बन सकते हैं। एनीमिया का एक कारण आँतों में पेरेसाइट या कीडों का होना भी है। मलाशय में खुज़ली, रात में बुरे सपनों के साथ साथ बेचैनी होना, डायरिया, साँसों में दुर्गंध, आँखों के नीचे काले धब्बे और निरंतर ख़ाने की इच्छा ये सभी आँतों में कीड़े होने के लक्षण हैं। लहसुन, ताज़ा पपीता और कद्दकस किये हुए गाज़र से कुछ ख़ास प्रकार के आँतों के कीड़ों को नष्ट किया जा सकता है।

एनीमिया का घरेलु उपाय – Gharelu Upay Anemia In Hindi

दूषित आहार हमारे बीमार होने में मुख्य कारण होता है। स्वस्थ आहार लेकर हम शरीर के सभी आवश्यक तत्वों की पूर्ति कर सकते है। एनीमिया की बीमारी में आहार ही सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है। शरीर के लिये अति आवश्यक आयरन को रिफ़ाइन्ड खाद्यपदार्थ, जेसे मेदे की ब्रेड, पोलिश किये हुए चावल, चीनी और मिष्टान्न आदि छीन लेते हैं। इससे जीवनरक्षा करने वाले विटामिन और अनसेच्युरेटेड फेटी एसिड नष्ट होते हैं। आहार प्रमुख रूप से आल्कलाइन होना चाहिए। आयरन की मात्रा जिन फलों और सब्जियों में ज्यादा हो, उन्हें ज़्यादा ख़ाना चाहिए। आयरन के साथ साथ फोलिक एसिड और B12 विटामिन भी होते हैं, जो एनीमिया के उपचार में अत्यंत उपयोगी होते हैं। गेहूँ, ब्राउन राइस, फलियों के दाने, सोयाबिन्स, सूर्यमुखी के बीज़, शहद ऐसे खाद्य पदार्थ है, जिनमें आयरन बहुत ज्यादा होता है। विटामिन B12 एनीमिया की रोकथाम एवं इलाज के लिये बहुत ज़रूरी है। विटामिन B12 डेरी उत्पाद जैसे दूध, अंडे, चीज़ और मूंगफली में प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है। अंकुरित गेहूँ और सोयाबिन में भी कुछ हद तक विटामिन मौज़ूद होता है। शाकाहारी लोगों को दूध, दूध से बनी चीज़ें और अंडों का इस्तेमाल अपने आहार में करना चाहिए।

Anemia या खून की कमी महिलाओं में अधिक देखी जाती है। पालक की सब्जी एनीमिया में दवा की तरह काम करती है। हरी सब्जियों में पालक डालें। साथ ही, सलाद के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है। पालक को उबालकर उसका सूप भी बनाया जा सकता है। इसका सूप पीने से बहुत जल्दी खून बढ़ता है। चुकंदर लौह तत्त्व से भरपूर होता है इसीलिए एनीमिया के मरीजों को अपनी रोज की खुराक में थोड़ा चुकंदर जरूर शामिलकरना चाहिए। चुकंदर को सब्जी के अलावा सलाद के रूप में या जूस बनाकर भी लिया जा सकता है। टमाटर को सलाद के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा जूस या सूप बनाकर पीना भी अच्छा होता है। सोयाबीन से भरपूर मात्रा में आयरन मिलता है इसीलिए एनीमिया में यह बहुत लाभदायक है। गुड़ भी आयरन का अच्छा स्रोत है। एनीमिया से ग्रस्त लोगों को रोज गुड़ जरूर खाना चाहिए। खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ खाने से भी एनीमिया दूर होता है। एनीमिया में मेवे खाने से शरीर में आयरन का स्तर तेजी से बढ़ता है। सेब और खजूर दोनों में ही पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है। रोज सेब और खजूर खाने से कुछ दिनों में एनीमिया दूर हो जाता है। एनीमिया के रोगियों के लिए शहद बहुत लाभदायक होता है। इसके नियमित सेवन से खून की कमी दूर हो जाती है।

 

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