दाँत ख़राब होने पर करे यह घरेलु उपाय – Teeth in hindi

कल्पना करें कि किसी कारणवश आपके मुँह से सारे दाँत निकालने पड़ जाएँ तो आपकी क्या दशा होगी? खाने, बोलने दोनों का मजा ऐसा किरकिरा होगा कि आप सोच भी नहीं सकते। दाँतों के रोग इतने आम हो गए हैं कि अगर 25-30 वर्ष तक के नौजवानों को इकट्ठा करके उनकी जाँच की जाए तो उनमें से ज्यादातर के दो-चार दाँत उखड़े मिलेंगे या उनमें चाँदी या सीमेंट मसाला भरा मिलेगा। इस लेख में दाँतो(Dental Health) से जुडी समस्या के घरेलु इलाज के बारे में जानकारी प्रदान की गयी है।

दाँतो की समस्या के कारण – Reason Of Teeth problem In Hindi

आजकल खाने-पीने की गड़बडि़यों का नतीजा है कि दाँतों की सड़न और पायरिया जैसे रोग व्यापक रूप से बढ़ रहे हैं। दाँत शरीर के महत्त्वपूर्ण हिस्से हैं। उनकी साफ-सफाई, उनका व्यायाम तथा उनकी देखभाल करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। दाँतों की सड़न से अपच, कब्ज, आँतों के अन्य रोग, सिरदर्द, आँखों में सूजन, रक्त विकार जैसे तमाम तरह के रोग होने लगते हैं। मायने यह कि दाँतों के साथ-साथ शरीर का स्वास्थ्य भी जुड़ा है। दाँतों की गड़बड़ी सिर्फ दाँतों तक ही सीमित नहीं रहती। बीमार दाँत पाचन-तंत्र को भी बीमार बना देते हैं। अब चर्चा इस बात पर कि दाँतों को मजबूत, चमकदार और सही-सलामत रखने के लिए क्या किया जाए? पहली बात तो यह कि सबेरे उठने के बाद और रात को सोने से पहले दाँतों की दातून या ब्रश से अच्छी तरह सफाई की आदत डालनी चाहिए। बाजार में मिलनेवाले ज्यादातर टूथपेस्ट और मंजन तो एकदम फालतू हैं। फ्लोराइड के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। वैसे भी जरूरी फ्लोराइड पानी वगैरह के जरिए सामान्यतः शरीर को मिलता ही रहता है। ज्यादा फ्लोराइड उल्टे दाँतों को नुकसान पहुँचाता है।

दाँतों की सुरक्षा के घरेलु उपाय – Home Remedies Of Dental Health

  • अपामार्ग (चिरचिटा) के पत्तों का रस मसूढ़ों पर मलने से दंतशूल समाप्त होता है। इसके अलावा यदि अपामार्ग की दातून प्रयोग में लाई जाए तो दाँतों में खोखलापन नहीं होता।
  • बुझा हुआ चूना, माजूफल, भुनी फिटकरी छह-छह माशे तथा समुद्रफेन एक तोला लेकर कपड़छन चूर्ण बना लें। इसे दाँतों पर मलने से दाँत साफ और चमकीले होते हैं। नीबू के छिलकों पर कुछ बूँदें सरसों का तेल डालकर दाँतों और मसूढ़ों पर मलें तो दाँतों की चमक बढ़ेगी तथा मसूढ़े मजबूत होंगे। यह प्रयोग दाँत के विभिन्न रोगों से भी रक्षा करेगा।
  • सेंधा नमक और फिटकरी बराबर मात्रा में लेकर अलग-अलग महीन पीसकर एक में मिला लें। इसमें से चुटकी भर मिश्रण लेकर दिन में तीन बार मसूढ़ों पर लगाएँ तथा उँगली से मलें। यही मिश्रण एक चम्मच की मात्रा में पाव भर पानी में घोलकर दिन में तीन बार कुल्ले भी करें। इस प्रयोग से पायरिया की बीमारी जड़ से नष्ट हो सकती है। इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि फिटकरी पेट में न जाए अन्यथा कब्ज की दिक्कत हो सकती है।
  • सोंठ, काली मिर्च, तंबाकू के भुने हुए पत्ते, गेरू, भुनी हुई फिटकरी, लाहौरी नमक तथा तेजबल, सभी समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें। इसमें से थोड़ा सा चूर्ण लेकर दाँतों पर मलें तथा पानी निकलने दें।

पायरिया के लिए उत्तम नुस्खा- Pyria Treatmennt

  • सरसों का तेल कुछ देर मुख में रखकर कुल्ला करने से मुख व दाँत के रोग नहीं होने पाते। इस क्रिया से जबड़े व दाँत मजबूत होते हैं तथा आवाज सुधरती है। इसके अलावा इस प्रयोग से स्वादेंद्रिय की शुद्धि होती है तथा चेहरा भी पुष्ट होता है।
  • प्रतिदिन सबेरे नीम की तीन-चार हरी पत्तियाँ चबाकर थूक देने से दाँत, जिह्वा व मुँह के विभिन्न रोगों से बचाव होता है। ये लाभ नीम की दातून से भी मिलते हैं। जो लोग नीम की दातून ठीक ढंग से नियमित रूप से करते हैं, उनके दाँत तो मजबूत होते ही हैं, विभिन्न मुख रोग भी नहीं होने पाते।

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