सकल मनोरथों को पूर्ण करने वाली श्री खींवज माता आरती

।।श्री खींवज माताआरती(कठौती)  | Khinwaj Mata Aarti।।

आरती करूं मैं खींवज मां(Khinwaj Mata) की, खींवज मां की हो कुलस्वामिनी की

जय जय जय हे खींवज माता, हे कुल स्वामिनी भाग्य विधाता

आरती करूं मैं तो आरती करूं मैं खींवज मां की ।।1 ।।

मैयाजी आओ आरती मैं तेरी श्रद्धा से गाऊँ मां महिमा मैं तेरी,

मैं तो हूं सेवक आपका माता रहूं सदा तेरे गुण गाता आरती करूं मैं तो ।।2 ।।

कठौती में जाकर दर्शन कर लो

जीवन में तुम आनन्द भर लो माता से सच्चा प्रेम तुम कर लो

जीवन में तुम आन्नद भर लो

आरती करूं मैं तो आरती करूं मैं खींवज मां की।।3।।

माता की आरती श्रद्धा से गाओ सुख सम्पति तुम तुरंत ही पाओ

माता में सच्चा ध्यान लगाओ उनकी सेवा में तन मन झुकाओ

आरती करूं मैं तो आरती करूं मैं खींवज मां की।।4।।

आरती के पश्चातं हमारे सकल मनोरथों को पूर्ण करने वाली हमें हर संकट से मुक्त करने वाली कठिन समय में हमारी रक्षा करने वाली हम पर सदा कृपा दृष्टि रखने वाली कठौती निवासिनी कुलस्वामिनी खींवज माता की जय(Khinwaj Mata Aarti)

।।श्री खींवज माता की स्तुति|Khinwaj Mata Stuti।।

कुल देवी खींवज माता की बणी कठोति धाम माँ को बारम्बार प्रणाम ।

 जय भगवती जय माँ अम्बे जय जननी जय जय जगदम्बे,

ह्रदय बड़ा और है भुज लम्बे आवो मात न करो विलम्बे,

भक्त तेरे द्वारे पे माता रटे तिहारो नाम, माँ को बारम्बार, प्रणाम.

तेरा सुत माँ तुझे पुकारे, दीन दुःखी को आन उबारे,

अपने जन का कारज सारे, सुर को त्यार असुर को मारे,

इस सृष्टि में जन जीवन में है शक्ति का काम, माँ को बारम्बार, प्रणाम.

मगरे उपर धाम बिराजे ढोल नगारा चहु दिश बाजे,

जो भी तेरी भक्ति साजे सुख और शान्ति घर में विराजे,

रोग दोष विपदा व्याधी का नहीं वहां पर काम,माँ को बारम्बार, प्रणाम.

जो जो भजे है मात भवानी, माता की रहे महर बानी,

घर में कभी ना होवे हानी, आशीर्वाद दे मात भवानी, शिव प्रकाश साण्डवा माही जपे तिहारो नाम,
माँ को बारम्बार, प्रणाम…….।

इस लेख में आपको दी हुई Khinwaj Mata Aarti जानकारी केसी लगी कृपया कमेंट करके जरूर बताये और भी भक्ति से सम्बंधित लेख पड़ने के लिए हमारी वेबसाइट को बुकमार्क करे।

 

Leave a Comment