Vitamin B3 Niacin In Hindi: दीप्तिमान त्वचा और मानसिक अवसाद के लिये विटामिन बी3 नायसिन

Vitamin B3 In Hindi:तंबाकू में पाए जाने वाले निकोटीन से निकोटिनिक एसिड रासायनिक रूप से संबंधित है लेकिन इसमें तम्बाकू के गुण नहीं होते। यही कारण है कि किसी प्रकार के भ्रम से बचने के लिये इसे नायसिन(Niacin) कहा जाता है। नायसिन गंधरहित, सफेद, स्फटिक पदार्थ होता है जो पानी में आसानी से घुल जाता है। यह गरमी, आक्सीकरण तथा क्षारीय तत्वों का प्रतिरोधी होता है। यह सर्वाधिक स्थिर विटामिनों में से एक है। भोजन पकाने में नायसिन की क्षति लगभग न्यूनतम होती है लेकिन भोजन पकाने में प्रयोग होने वाला पानी यदि फेंक दिया जाये तो इसकी प्रचुर मात्रा नष्ट हो जाती है। मिश्रित और पके हुये भोजन में से 15 से 25 प्रतिशत नायसिन नष्ट हो जाता है। सल्फर ड्रग, एल्कोहल, भोजन प्रक्रिया तथा नींद की गोलियों से विटामिन बी3 नायसिन नष्ट हो सकता है।

विटामिन बी3 – Niacin In Hindi

विटामिन बी3 या नायसिन बी समूह का महत्त्वपूर्ण विटामिन है। नायसिन पेट तथा आंतों से अवशोषित होता है तथा सभी ऊतकों में एकत्र होता है। नायसिन की अधिकांश मात्रा साल्ट के रूप में और कुछ मात्रा नायसिन के रूप में ही मूत्र से निष्कासित होती है। शरीर में कार्य नायसिन उचित रक्त संचार तथा स्वस्थ स्नायु तंत्र के लिये महत्त्वपूर्ण है। यह पेट तथा आंतों के सामान्य कार्य को बनाए रखता है और कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन के उचित पाचन के लिये आवश्यक है। यह स्वस्थ त्वचा को बनाए रखने में मदद करता है। नायसिन रक्तवाहिनियों को फैलाता है तथा परिधिक शिरातंत्र के रक्त-प्रवाह में वृद्धि करता है।

1867 से जैविक रसायनविज्ञानी इसे निकोटोनिक एसिड के रूप में जानते थे। 1913 में फंक ने इसे खमीर से अलग किया। लेकिन इसकी ओर ध्यान 1937 में तब गया जब सी. ए. एल्वेह्‌ज़ेम तथा उसके सहयोगियों ने इसे यकृत से अलग किया। इसके बाद टी. डब्ल्यू. स्पाइस तथा अन्य लोगों ने दर्शाया कि नायसिन के प्रयोग से पेलेग्रा (pellagra), डायरिया तथा मानसिक अवसाद जैसे आमतौर से देखे जाने वाले लक्षणों में कमी आती है।

नायसिन के स्रोत – Vitamin B3 Niacin In Hindi

साधारणतया पशुओं से प्राप्त होने वाले भोजन Vitamin B3 से समृद्ध हैं जैसे भेड़ का यकृत, चर्बी रहित मीट, झींगा, पोर्क तथा गाय का दूध। इस विटामिन के समृद्ध शाकाहारी स्रोत हैं चावल की भूसी, चावल, गेहूं, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, बादाम तथा चिल्गोज़ा तथा हरी सब्ज़ियां जैसे शलजम व चुकंदर के पत्ते, गाजर, अजवायन और अरबी के पत्ते। इस विटामिन के प्राकृतिक स्रोत खमीर तथा भूसी हैं। गेहूं पीसने के बाद छानने में चौकर के निकलने के कारण नायसिन की मात्रा सफेद आटे में बहुत कम रह जाती है।

नायसिन के स्वास्थ्य लाभ – Vitamin B3 Benefit In Hindi

नायसिन की 100 मि.ग्रा. की मात्रा को प्रत्येक भोजन के साथ लेना पेलेग्रा, माइग्रेन, सिरदर्द, घबराहट से होने वाला उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त कोलेस्ट्रोल (high blood cholesterol), आर्टिओस्क्लेरोसिस (arteriosclerosis) तथा डायरिया में लाभदायक होता है। इस खुराक को बी समूह के अन्य विटामिनों के साथ लेना चाहिए।

पेलेग्रा : नायसिन की प्रसिद्धि इस बात में है कि यह पेलेग्रा की रोकथाम तथा इलाज करता है। इस बीमारी के प्राथमिक लक्षणों जैसे भूख में कमी, वज़न का कम होना तथा कमज़ोरी आदि को शीघ्रता से सही किया जा सकता है। अन्य लक्षणों के सही होने में कुछ अधिक समय लगता है जैसे खट्टा मुंह, पाचन तथा स्नायविक अनियमितता, त्वचा पर फोड़े विशेषकर हाथों, बाजुओं, पैरों पर। विटामिन बी3 नायसिन का 10 मि.ग्रा. का प्रतिदिन सेवन स्थानिक पेलेग्रा के लिये पर्याप्त होता है।

माइग्रेन : नायसिन को माइग्रेन का इलाज करने में उपयोगी पाया गया है। जो लोग माइग्रेन तथा घबराहट से होने वाले उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, उन्हें नायसिन की बड़ी मात्रा लेने पर आराम मिलता है।

हृदय-संबंधित विकार : नायसिन एंजिना पेक्टोरिस (angina pectoris) में आराम पाने के लिये लाभदायक है। यह सेरेब्रल थ्रोंबोसिस (cerebral thrombosis) में भी उपयोगी है जो मस्तिष्क की रक्तवाहिनियों में रक्त के थक्के जमने के कारण होता है।

उच्च रक्तचाप : नायसिन रक्तवाहिनियों को फैलाता है जिससे रक्तचाप-सम्बन्धी परिवर्तन सही हो जाते हैं। यह विशेषरूप से घबराहट द्वारा होने वाले उच्च रक्तचाप की रोकथाम करने में लाभदायक है।

उच्च रक्त कोलेस्ट्रोल : विटामिन बी3 नायसिन का प्रयोग उच्च रक्त कोलेस्ट्रोल को कम करने में होता है। सेंट विंसेंट अस्पताल, डबलिन के डी. जी. मूरे फिट्जरेल्ड द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बताया गया था कि जिन रोगियों में रक्त कोलेस्ट्रोल की मात्रा 530 मि.ग्रा. से अधिक थी, उनमें विटामिन बी3 नायसिन की 3 ग्राम प्रतिदिन तीन बार की खुराक से रक्त कोलस्ट्रोल को 230 मि.ग्रा. के स्तर पर लाया गया था।

नायसिन अभाव के लक्षण – Symptoms of Vitamin B3 deficiency

नायसिन(vitamin B3 In Hindi) की कुछ कमी के कारण जीभ पर आवरण का बनना, मुंह में घाव और छाले होना, खुजली, घबराहट, त्वचा पर दाने, डायरिया, भुलक्कड़पन, अनिद्रा, दीर्घकालिक सिरदर्द, पाचन सम्बन्धी व्याधियां तथा रक्ताल्पता हो सकते हैं। इसकी दीर्घकालिक और तीव्र कमी के कारण न्यूरेस्थेनिआ या स्नायु तंत्र की कमज़ोरी, मानसिक अवसाद, तनाव, मानसिक सुस्ती तथा बेहोशी आदि रोग हो सकते हैं।

सावधानियां : लंबे समय तक अधिक मात्रा में नायसिन(Vitamin B3) के सेवन से हिस्टामिन (histamine) पैदा हो सकते है जिससे त्वचा सुर्ख हो जाती है। तीव्र खुजली (pruritis) तथा पेट व आंत में गड़बड़ हो सकती है। यदि नायसिन को 3 ग्राम प्रतिदिन की खुराक में लिया जाये तो यह रक्त में यूरिक एसिड तथा ग्लुकोज़ को बढ़ाता है।

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