Vitamin B9 (Folic acid): विटामिन B9 फोलिक एसिड के मुख्य स्रोत और सावधानियाँ

Vitamin B9 /Folic Acid को सबसे पहले 1938 में मुर्गियों के लिये आवश्यक भोजन पदार्थ के रूप में पहचाना गया था। बाद में इसे अन्य पशुओं तथा मानव के लिये भी आवश्यक पाया गया। उपचार के लिये इसका उपयोग 1945 में टी. डी. स्पाइस ने किया था जिसने इसे गर्भावस्था से संबंधित रक्ताल्पता तथा ट्रॉपिकल स्प्रू (जिसमें आंतें अच्छी तरह अवशोषण नहीं कर पातीं) के इलाज में लाभदायक पाया। इन खोजों को बाद में प्रमाणित किया गया।

फोलिक एसिड पीला, स्फटिक पदार्थ है जो पानी में कम घुलता है तथा एसिड घोल में स्थिर रहता है। जब Vitamin B9 को निष्क्रिय या एल्केलाइन या क्षारीय पदार्थों में गरम करते हैं तो यह तेज़ी से नष्ट हो जाता है अर्थात यह पकाने में नष्ट होता है। इस विटामिन को नष्ट करने वाले कारक हैं सल्फर ड्रग, सूरज की धूप तथा भोजन प्रक्रिया। फोलिक एसिड को आंतें अपनी पूरी लंबाई में अवशोषित करती हैं हालांकि इसके अवशोषण का मुख्य स्थान छोटी आंत का जेजुनम है। इसकी कुछ मात्रा मल तथा मूत्र में उत्सर्जित होती है और अतिरिक्त मात्रा को पचा हुआ माना जाता है तथा कुछ उन कोशिकाओं में नष्ट हो जाता है जो त्वचा पर बनने वाली पपड़ियों के रूप में होती हैं।

Vitamin B9 (Folic acid) के कार्य

Folic Acid विटामिन बी12 के साथ मिलकर लाल रक्तकोशिकाओं (रेड ब्लड सेलस) का निर्माण, वृद्धि तथा विकास करता है। यह शारीरिक कोशिकाओं की वृद्धि तथा वितरण के लिये आवश्यक है साथ ही नाड़ी कोशिकाओं और नाड़ी संचारकों (nerve transmitters) के उत्पादन के लिये भी ज़रूरी है। यह प्रोटीन के पाचन में सहायता देकर सामान्य वृद्धि में योगदान देता है। फोलिक एसिड एंटीबॉडी बनाने में सहायता करता है जिसके कारण संक्रमणों की रोकथाम होती है। यह स्वस्थ त्वचा तथा असमय होने वाले सफेद बालों की रोकथाम करता है। फोलिक एसिड गर्भवती महिला तथा उसके विकासशील भ्रूण के लिये महत्त्वपूर्ण पोषक तत्व है। फोलेट से समृद्ध ताज़े फलों तथा सब्ज़ियों को खाने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि गर्भवती स्त्री की गर्भावस्था स्वास्थ्य तथा प्रसन्नता से भरपूर होगी। फोलिक एसिड द्वारा महिला में दूध बनने की प्रक्रिया भी सुधरती है।

Folic acid के स्रोत

दालें तथा फलियां जैसे काला चना तथा मूंग फोलिक एसिड से समृद्ध होती हैं। हरी सब्ज़ियां जैसे चौलाई, ग्वार की फली, पालक तथा पुदीना फोलिक एसिड के समृद्ध स्रोत हैं। हरे पत्तों में Folic Acid की उपस्थिति के कारण ही इसका नाम फोलेकिन पड़ा। शब्द ‘फोलियम’ का अर्थ पत्ता होता है। हरे पत्तों के अतिरिक्त, फोलिक एसिड तिल (gingelly seeds) तथा मांस में पाया जाता है।

Vitamin B9 (Folic acid) के अभाव के लक्षण

फोलिक एसिड के अभाव से अक्सर गर्भवती स्त्रियों तथा बच्चों में रक्ताल्पता हो जाती है। त्वचा-सम्बन्धी गंभीर व्याधियां, बालों का गिरना, कमज़ोर रक्त संचार, भूरी-ग्रे त्वचा, थकान तथा मानसिक तनाव Vitamin B9 की कमी से हो सकते हैं। संतानोत्पत्ति से सम्बन्धी व्याधियां जैसे प्राकृतिक गर्भपात तथा कठिन संतानोत्पत्ति तथा शिशु मृत्यु भी फोलिक एसिड की न्यूनता से हो सकते हैं। विटामिन बी9 की कमी से पुरुषों में काम वासना की इच्छा न्यून हो सकती है। मिर्गी के इलाज में प्रयुक्त होने वाली लगभग सभी ऐंठन-रोधी या एंटीकन्वेल्सेंट दवाईयां सीरम फोलेट की सघनता को कम करती हैं। अन्य दवाईयां जैसे मुंह से लेने वाली गर्भ निरोधक कोंट्रासेप्टिव, पाइरीमेथेमाइन (मलेरिया-रोधी दवाई), को-ट्रिमोक्सेजोल (इसमें एक सल्फर मिश्रण होता है) तथा एथेनोल (एल्कोहल) भी फोलेट के पाचन को कमज़ोर कर सकते हैं।

Vitamin B9 (Folic acid) के स्वास्थ्य लाभ

फोलिक एसिड को दुर्लभ बीमारियों के इलाज में लाभदायक पाया गया है जैसे मानसिक कमज़ोरी सम्बन्धी। इनमें से कुछ बिमारियों को आरंभ में मेगेलोब्लास्टिक एनीमिया की उपस्थिति के कारण खोजा गया था, यह ऐसी अवस्था है जो फोलिक एसिड के कमज़ोर पाचन का संकेत देती है। गर्भावस्था तथा शैशव्य में पोषण-सम्बन्धी मेगालोब्लास्टिक रक्ताल्पता के इलाज के लिये फोलिक एसिड की आवश्यकता होती है जिसमें प्रतिदिन 5,000 से 10,000 मा. ग्रा. की खुराक मुख द्वारा लेनी चाहएि। यह सलाह है कि इस विटामिन की 400 मा. ग्रा. की खुराक गर्भावस्था में प्रतिदिन लेनी चाहिए। अमेरिका के फूड तथा ड्रग एसोसियेशन ने भी समर्थन किया है कि फोलिक एसिड सप्लीमेंट से जन्म-सम्बन्धी कुछ दोषों को रोका जा सकता है।

आवर्ती गर्भपात : बार-बार होने वाले गर्भपात के इलाज में फोलिक एसिड को लाभदायक पाया गया है। यह सलाह है कि गर्भावस्था में प्रतिदिन 10,000 मा. ग्रा. फोलिक एसिड की मात्रा आयरन तथा बी12 के साथ लेनी चाहिए।

मानसिक दौर्बल्य : फोलिक एसिड का प्रयोग मानसिक क्रियाओं तथा मानसिकरूप से दुर्बल बच्चों को सुधारने के लिये किया जाता है। मिर्गी से पीड़ित बच्चों तथा मानसिक रोगियों को प्रतिदिन तीन बार 5,000 मा. ग्रा. की खुराक देने से लाभ होता है। अनेक रोगियों में मानसिक दुर्बलता के लक्षणों को इस प्रकार सही किया जा चुका है।

त्वचा पर भूरे दाग : विटामिन बी12 की न्यूनता के साथ-साथ फोलिक एसिड की न्यूनता से साधारणतया चेहरे, मुंह के भीतर, बगल, जांघ तथा हथेलियों पर गहरे भूरे रंग के दाग हो जाते हैं। यह विशेषरूप से गर्भवती महिलाओं तथा दवाईयां लेती महिलाओं में होते हैं। ऐसे मामलों में 10,000 मा. ग्रा. की फोलिक एसिड की खुराक को 100 मा. ग्रा. विटामिन बी12 के साथ प्रतिदिन तीन बार लेने से इन दागों में सुधार आता है।

गठिया : हालांकि गठिया के अधिकांश मामले उचित भोजन द्वारा ठीक किए जाते हैं लेकिन अतिरिक्त आवश्यकता होने पर 10 मि. ग्रा. से 40 मि. ग्रा. फोलिक एसिड प्रतिदिन की खुराक की अनुशंसा की जाती है।

सावधानियां : Vitamin B9 का साधारणतया कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होता। जब इसका प्रयोग मेगालोब्लास्टिक रक्ताल्पता का इलाज करने के लिये होता है तो इससे मिर्गी की समस्या में वृद्धि हो सकती है। यदि इसका प्रयोग गठिया के इलाज के लिये किया जाता है तो यह मिर्गी के लिये दी जाने वाली दवाईयों में व्यवधान डाल सकती है तथा विटामिन बी12 की न्यूनता के लक्षणों को छुपा सकती है। इसलिये गठिया में फोलिक एसिड को चिकित्सक के निरीक्षण में ही लेना चाहिए।

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